ये क्या हो गया इस शहर को
देखते ही देखते वीरान हो गया
जगमगाहट जिसकी बनी रहती थी
वो आज सूनसान हो गया ।
ये क्या हो गया इस शहर को
जो कहलाता है गुलाबी नगरी
आज बनी है बेरंग नगरी
वो चारदीवारी की चहचाहट भी
इस महामारी के आगे है हारी ।
ये क्या हो गया इस शहर को
चलते थे अनगिनत वाहन यहाँ
शोर शराबा होता था रोज
कभी ऐसा तो न था मेरा शहर
देखकर अब तो आता है रो'ज ।
ये क्या हो गया इस शहर को
भविष्य का अंजाम सोच कर
घर मे दुबक कर बैठे हैं लोग
मिलना जुलना सब बन्द हुआ
आया है ये कैसा रोग ।
ये क्या हो गया इस शहर को
देखा मैंने मेरी आँखों से
जैसे ग्रहण में डूबा हो शहर
बेजान नजर आती है गालियां
बेचारी पुलिस खड़ी है बाहर ।
ये क्या हो गया इस शहर को
🖋️साँवर कुमावत 'मऊ'🖋️
देखते ही देखते वीरान हो गया
जगमगाहट जिसकी बनी रहती थी
वो आज सूनसान हो गया ।
ये क्या हो गया इस शहर को
जो कहलाता है गुलाबी नगरी
आज बनी है बेरंग नगरी
वो चारदीवारी की चहचाहट भी
इस महामारी के आगे है हारी ।
ये क्या हो गया इस शहर को
चलते थे अनगिनत वाहन यहाँ
शोर शराबा होता था रोज
कभी ऐसा तो न था मेरा शहर
देखकर अब तो आता है रो'ज ।
ये क्या हो गया इस शहर को
भविष्य का अंजाम सोच कर
घर मे दुबक कर बैठे हैं लोग
मिलना जुलना सब बन्द हुआ
आया है ये कैसा रोग ।
ये क्या हो गया इस शहर को
देखा मैंने मेरी आँखों से
जैसे ग्रहण में डूबा हो शहर
बेजान नजर आती है गालियां
बेचारी पुलिस खड़ी है बाहर ।
ये क्या हो गया इस शहर को
🖋️साँवर कुमावत 'मऊ'🖋️
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