Monday, May 1, 2023

श्रीकृष्ण

 कृष्ण की वाणी राधा

कृष्ण की राणी राधा

कृष्ण की मोहिनी राधा

कृष्ण की सहचारिणी राधा


कृष्ण धाम में राधा

कृष्ण वाम में राधा

कृष्ण जाम में राधा

कृष्ण काम मे राधा


कृष्ण आँख में राधा

कृष्ण मोरपांख में राधा

कृष्ण काँख में राधा

कृष्ण नाम की राख में राधा


कृष्ण का रोम रोम राधा

कृष्ण का अंग अंग राधा

कृष्ण का नाम नाम राधा

कृष्ण का सर्वस्व राधा


कृष्ण की बांसुरी राधा

कृष्ण की मुस्कान राधा

कृष्ण की हर श्वास राधा

कृष्ण की हर गोपी राधा


कृष्ण प्रेम का नाम राधा

कृष्ण का संसार राधा

कृष्ण जग की रज में राधा

राधा हैं कृष्ण, कृष्ण हैं राधा ।। 1 ।।




कृष्ण आत्मा कृष्ण परमात्मा कृष्ण ही सर्वेश्वर हैं ।

कृष्ण देवता कृष्ण मानव कृष्ण ही परमेश्वर हैं ।।


कृष्ण कर्म कृष्ण भाग्य कृष्ण ही पुरुषार्थ है ।

कृष्ण अर्थ कृष्ण शब्द कृष्ण ही परमार्थ हैं ।।


कृष्ण माया कृष्ण काया कृष्ण ही सुक्ष्म ज्ञान हैं ।

कृष्ण भगति कृष्ण चिंतन कृष्ण ही विज्ञान हैं ।।


कृष्ण प्रेम कृष्ण स्नेह कृष्ण ही अनुराग हैं ।

कृष्ण विटप कृष्ण फूल कृष्ण ही पराग हैं ।।


कृष्ण ह्रदय कृष्ण बुद्धि कृष्ण ही मन विभोर हैं ।

कृष्ण स्थिर कृष्ण जंगम कृष्ण ही शाम भोर हैं ।।


कृष्ण यह कृष्ण वह कृष्ण ही नश्वर हैं ।

कृष्ण मैं कृष्ण तुम कृष्ण ही पावर हैं ।। 2 ।।



प्रफुल्लित हो मन

अपने साँवरे का

गुणगान कर रहा

साँवली सूरत पर

वो मोहित हो रहा

बसाके दिल में छवि

उसकी अलबेली

साँवरे मन मगन

श्रीराधे राधे जप रहा


सुना है तुम्हारे

बारे में साँवरे कि

भक्तो के ह्रदय

की बात पल में

सुन लेता है तू

आओ कभी साँवरे

मेरे दिल मे भी

ये कब से

तेरे गुण गा रहा है

कब से मेरा दिल

कान्हा कान्हा पुकार रहा ।। 3 ।।


तुम आओगे मेरे घर यार कब तक

हम करेंगे तुम्हारा इंतजार कब तक


आंखे पथरा गयी दीदार होगा कब तक

आखिर मेरा द्वार सुना रहेगा कब तक


नशा छाया तेरे ही नाम का अब तो

दिल ये मेरा बीमार रहेगा कब तक


हे मनवा साँवरा मेरा आता ही होगा

करेंगे वो रुखा व्यवहार कब तक ।। 4 ।।


मैं दीवाना हूँ श्याम, तेरे दर्शन चाहिए ।

करूँ मैं तेरी चाकरी,ऐसा जीवन चाहिए ।

सुबह शाम तेरा स्मरण करूँ, ऐसी यादास्त चाहिए ।

खो न जायें याद तेरी, ऐसा साथ चाहिए ।

आऊँ वृंदावन धाम मैं, ऐसा सौभाग्य चाहिए ।

इस नश्वर जगत में, तेरा साथ चाहिए ।

कुछ नही लालसा बस, तेरा नाम चाहिए ।

बस जायें सांसो में नाम तेरा, इतनी कृपा चाहिए ।

भव सागर को तारने में, तुम सा मांझी चाहिए ।

साँवरो करे विनती, हर जन्म में तुम्हारे चरण चाहिए ।। 5 ।।



पीताम्बर धारी एक ग्वाला रे

वह यमुना किनारे वाला रे

गोप ग्वालों का रखवाला रे

वो इस बृज का लल्ला रे

घनघोर अंधेरी रात में जन्मा रे

वह नटखट नंदलाला कान्हा रे

मोर मुकुट सिर पर धारे रे

दुष्टों को वो नितगी मारे रे

माखन चोर यशोदा लल्ला रे

किया  भक्तो का  भला रे ।। 6 ।।



ख्वाहिश मेरी इतनी सी

हर पल मेरे संग रहना


बीच भवर में डोले मेरी कश्ती

मांझी बनकर उसे थाम लेना


'साँवरे' तेरे दर का भिखारी

ये साँवरा तेरा गुलाम हो जाये


सुहानी उसकी हर 

सुबह शाम हो जाये ।। 7 ।।



मन मन्दिर से उठी हिलोरें

कब जाओगे वृंदावन प्यारे

बृज धाम का रज रज गाये

श्री  राधे  राधे  नाम  सुनायें

वृंदावन में कान्हा रास रचाये

प्रेम  भरी  वो  बाँसुरी बजाये

राधा संग जब नाचे  साँवरियां

देख रूप को हो गया बावरिया

चलो अब तो  उस वृंदावन प्यारे ।। 8 ।।





श्रीराधा

 आवो ना राधा........

गोकुल की इन गलियों में

होली हम साथ मनायेंगे

एक दूजे के गालों पर

खुशियों का गुलाल लगायेंगे


आवो ना राधा.........

गोकुल की इन गलियों में

एक बार तुम आवो ना

हर रंग से भरकर

पिचकारी तुम पर डालेंगे


आवो ना राधा.......

गोकुल की इन गलियों में

फागुण के इस मास में

मिलकर प्रीत के रंगों से

होली का ये त्यौहार मनायें


राधा आवो ना.......

गोकुल की इन गलियों में ।। 1



राधाष्टमी


प्रेम रस बरसा दे मुझ पर

ओ बरसाने वाली ।


कृपा दृष्टि बरसा दे मुझ पर

ओ बरसाने वाली ।


तेरी युगल छवि का दर्श करा दे

ओ बरसाने वाली ।


तेरे चरणों की धूलि बनाले मुझे

ओ बरसाने वाली ।


हाथ करुणा का रखना मुझ पर

ओ बरसाने वाली । 2




श्रीजी

 बृषभानु दुलारी, हमारी राधाजी ।

सबको लगे प्यारी, हमारी राधाजी ।

भादो शुक्ला आठ,जन्मी इस धरा पे ।

लगे केसर क्यारी, हमारी राधाजी । 1


लक्ष्मी को अवतार, हमारी राधाजी ।

जीव जगत आधार, हमारी राधाजी ।

सम दृष्टि रख करती सबका उद्धार ।

करुणा की आगार, हमारी राधाजी । 2


द्वापर की महारानी, हमारी राधाजी ।

गोपियों  में  स्यानी, हमारी राधाजी ।

राधा अनुपम ग्रन्थ,प्रेम की दुनिया की,

लागे  मन  मोहिनी, हमारी राधाजी । 3


कान्हा जी के संग, हमारी राधाजी ।

रास  रचाये  संग , हमारी राधाजी ।

मधुबन की रज रज, गाये इनका गान,

गौर  वरणी  रंग, हमारी  राधाजी । 4


बरसाने की शान, हमारी राधाजी ।

प्रेम पीड़ की खान, हमारी राधाजी ।

राज करे जगत पर, दुनिया की रानी,

बढ़ावे मेरो मान, हमारी राधाजी । 5


जावे जमुना तीर, हमारी राधाजी ।

हरती सबकी पीर, हमारी राधाजी ।

गोपियों संग जाये, मिलने मोहन से,

रास  रचाये  तीर, हमारी राधाजी । 6


झुले कदम की डारि, हमारी राधाजी ।

झूलावे  गिरधारि , हमारी  राधाजी ।

हर्ष हर्ष झूलावे, करते लीला रोज ।

कान्हा जी की प्यारि, हमारी राधाजी । 7


छैल बिहारि चितचोर, हमारी राधाजी ।

करती  सब  पर  गोर, हमारी राधाजी

सुन बाँसुरी का शोर, नाचै मन का मोर,

दौड़ी  सब कुछ  छोर, हमारी राधाजी । 8


रास रचाय गोकुल, हमारी राधाजी ।

कान्हा बिन व्याकुल, हमारी राधाजी ।

बैठी जमुना तीर, ले सखियों को साथ,

कान्हा  जीवन मूल, हमारी राधाजी । 9


बृषभानु की छोरि, हमारी राधाजी ।

पकड़े बंया मोरि, हमारी राधाजी ।

सब सखियों के संग,जमुना तट पे जाय ।

लगे प्रीत की डोरि, हमारी राधाजी । 10


सखी ललिता प्रधान, हमारी राधाजी ।

सब सखियों की शान, हमारी राधाजी ।

धेनु चरावे संग, हिल मिल खेले खेल ।

सुने  बांसुरी  तान, हमारी  राधाजी ।। 11


कृष्ण जिनके अधीन, हमारी राधाजी ।

कृष्ण  रास  स्वामिन, हमारी राधाजी ।

बिन राधा के कृष्ण, लगे आध अधूरे ।

कान्हा  प्राण दायिन, हमारी  राधाजी ।। 12


दिव्य प्रेम का रूप, हमारी राधाजी ।

लक्ष्मी रूप स्वरूप, हमारी राधाजी ।

श्रीकृष्ण स्वामिनी, लीला करे अपार ।

देवियों  में  सरूप, हमारी राधाजी ।। 13


सब तत्वन पर भारी, हमारी राधाजी ।

सब लोगन हितकारी, हमारी राधाजी ।

ब्रह्मांड आदि अनन्त, सब पर करे राज ।

बैठ कदम्ब की डारि, हमारी राधाजी । 14


वृंदावन की रानी, हमारी राधाजी ।

कोयली सी वाणी, हमारी राधाजी ।

सब घर की कहानी, बिन राधा अधूरी ।

सब तत्वन की जानी, हमारी राधाजी । 15


अमिट जिनका नाम, हमारी राधाजी ।

पल में बनावे काम,  हमारी  राधाजी ।

नाम जाप मात्र से, हो जाये प्रसन्न

बसत सभी की चाम, हमारी राधाजी । 16


जगत की कल्याणी, हमारी राधाजी ।

कान्हा की विरहणी, हमारी राधाजी ।

सब वेदों का सार, उनमें ही समाहित ।

ज्ञानियों की  ज्ञानी, हमारी राधाजी । 17


हरिदासियों की जान, हमारी राधाजी ।

राधावल्लभी  मान,  हमारी राधाजी ।

जीवों की कंठहार, नाम जपे सब लोग ।

सनातनी अरमान, हमारी राधाजी । 18



Friday, April 24, 2020

जय श्री परशुराम

बामण कुळ रा शिरोमणि, फरसा जिणरी शान ।
विष्णु  रा  अवतार  छठां, ब्राह्मणा  रौ  मान ।।

भीष्म द्रोण कर्ण जैड़ा, इणरा शिष्य महान ।
घणां पूज्य परशुराम, जग में हुया महान ।।
✍️साँवर कुमावत 'मऊ'✍️


Wednesday, April 15, 2020

मैं पुलिस वाला हूं

धीर वीर धैर्यवान बन
कर्तव्य पर अडिग हो
अनवरत चलता रहता हूं
बेझिझक कर्तव्य मार्ग पर
                         हाँ मैं पुलिसवाला हूँ
उन्मादी भीड़ के सामने
डंडा ले खड़ा रहता हूं
उनकी गोलियों को झेलने
निर्दोषों को बचाने में
रहता हूं सदा तत्पर
                      हाँ मैं पुलिसवाला हूँ
उपद्रवी भीड़ को रोकने में
उसे समझाने शांत करने में
अगर काम आ जाऊं मैं
नही मिलता दर्जा शहीद का
                 क्योकिं मैं पुलिस वाला हूँ
ना मेरा कोई मानवाधिकार हैं
न मेरा कोई अन्य अधिकार है
आगे कुआँ पीछे खाई कहावत
हम पर सटीक चरितार्थ होती है
                 फिर भी मैं पुलिसवाला हूँ
एक से बढ़कर एक,
गालियां देते हो हमें
पर दुख की घड़ी में
भगवान नजर हम आते हैं
                  क्योंकि मैं पुलिसवाला हूँ
नही करते परवाह
सर्दी गर्मी बरसात की
नही जा पाते कभी घर
होली दीवाली के त्यौहार पे
                  क्योंकि मैं पुलिसवाला हूँ
जब निकलते हैं जुलूस
होते हैं जब उग्र प्रदर्शन
शांति व्यवस्था बनाये रखने में
ख्याल नही रहता खाने पीने का
                  क्योंकि मैं पुलिसवाला हूँ
✍️साँवर कुमावत 'मऊ'✍️

Tuesday, April 7, 2020

हनुमान जयंती

अवनि माथै दुख पड्यो, ल्या संजीवन बुट ।
ध्यावै थानै सांवरौ, मत जाज्यो थै रूठ ।।
✍️साँवर कुमावत मऊ✍️


Wednesday, April 1, 2020

रामनवमी

परम आराध्य देव है, हिंदुवां रा सरताज ।
रोम रोम में थै बसो, दरसण दैवो आज ।।
✍️साँवर कुमावत मऊ✍️