Monday, May 1, 2023

श्रीजी

 बृषभानु दुलारी, हमारी राधाजी ।

सबको लगे प्यारी, हमारी राधाजी ।

भादो शुक्ला आठ,जन्मी इस धरा पे ।

लगे केसर क्यारी, हमारी राधाजी । 1


लक्ष्मी को अवतार, हमारी राधाजी ।

जीव जगत आधार, हमारी राधाजी ।

सम दृष्टि रख करती सबका उद्धार ।

करुणा की आगार, हमारी राधाजी । 2


द्वापर की महारानी, हमारी राधाजी ।

गोपियों  में  स्यानी, हमारी राधाजी ।

राधा अनुपम ग्रन्थ,प्रेम की दुनिया की,

लागे  मन  मोहिनी, हमारी राधाजी । 3


कान्हा जी के संग, हमारी राधाजी ।

रास  रचाये  संग , हमारी राधाजी ।

मधुबन की रज रज, गाये इनका गान,

गौर  वरणी  रंग, हमारी  राधाजी । 4


बरसाने की शान, हमारी राधाजी ।

प्रेम पीड़ की खान, हमारी राधाजी ।

राज करे जगत पर, दुनिया की रानी,

बढ़ावे मेरो मान, हमारी राधाजी । 5


जावे जमुना तीर, हमारी राधाजी ।

हरती सबकी पीर, हमारी राधाजी ।

गोपियों संग जाये, मिलने मोहन से,

रास  रचाये  तीर, हमारी राधाजी । 6


झुले कदम की डारि, हमारी राधाजी ।

झूलावे  गिरधारि , हमारी  राधाजी ।

हर्ष हर्ष झूलावे, करते लीला रोज ।

कान्हा जी की प्यारि, हमारी राधाजी । 7


छैल बिहारि चितचोर, हमारी राधाजी ।

करती  सब  पर  गोर, हमारी राधाजी

सुन बाँसुरी का शोर, नाचै मन का मोर,

दौड़ी  सब कुछ  छोर, हमारी राधाजी । 8


रास रचाय गोकुल, हमारी राधाजी ।

कान्हा बिन व्याकुल, हमारी राधाजी ।

बैठी जमुना तीर, ले सखियों को साथ,

कान्हा  जीवन मूल, हमारी राधाजी । 9


बृषभानु की छोरि, हमारी राधाजी ।

पकड़े बंया मोरि, हमारी राधाजी ।

सब सखियों के संग,जमुना तट पे जाय ।

लगे प्रीत की डोरि, हमारी राधाजी । 10


सखी ललिता प्रधान, हमारी राधाजी ।

सब सखियों की शान, हमारी राधाजी ।

धेनु चरावे संग, हिल मिल खेले खेल ।

सुने  बांसुरी  तान, हमारी  राधाजी ।। 11


कृष्ण जिनके अधीन, हमारी राधाजी ।

कृष्ण  रास  स्वामिन, हमारी राधाजी ।

बिन राधा के कृष्ण, लगे आध अधूरे ।

कान्हा  प्राण दायिन, हमारी  राधाजी ।। 12


दिव्य प्रेम का रूप, हमारी राधाजी ।

लक्ष्मी रूप स्वरूप, हमारी राधाजी ।

श्रीकृष्ण स्वामिनी, लीला करे अपार ।

देवियों  में  सरूप, हमारी राधाजी ।। 13


सब तत्वन पर भारी, हमारी राधाजी ।

सब लोगन हितकारी, हमारी राधाजी ।

ब्रह्मांड आदि अनन्त, सब पर करे राज ।

बैठ कदम्ब की डारि, हमारी राधाजी । 14


वृंदावन की रानी, हमारी राधाजी ।

कोयली सी वाणी, हमारी राधाजी ।

सब घर की कहानी, बिन राधा अधूरी ।

सब तत्वन की जानी, हमारी राधाजी । 15


अमिट जिनका नाम, हमारी राधाजी ।

पल में बनावे काम,  हमारी  राधाजी ।

नाम जाप मात्र से, हो जाये प्रसन्न

बसत सभी की चाम, हमारी राधाजी । 16


जगत की कल्याणी, हमारी राधाजी ।

कान्हा की विरहणी, हमारी राधाजी ।

सब वेदों का सार, उनमें ही समाहित ।

ज्ञानियों की  ज्ञानी, हमारी राधाजी । 17


हरिदासियों की जान, हमारी राधाजी ।

राधावल्लभी  मान,  हमारी राधाजी ।

जीवों की कंठहार, नाम जपे सब लोग ।

सनातनी अरमान, हमारी राधाजी । 18



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