आवो ना राधा........
गोकुल की इन गलियों में
होली हम साथ मनायेंगे
एक दूजे के गालों पर
खुशियों का गुलाल लगायेंगे
आवो ना राधा.........
गोकुल की इन गलियों में
एक बार तुम आवो ना
हर रंग से भरकर
पिचकारी तुम पर डालेंगे
आवो ना राधा.......
गोकुल की इन गलियों में
फागुण के इस मास में
मिलकर प्रीत के रंगों से
होली का ये त्यौहार मनायें
राधा आवो ना.......
गोकुल की इन गलियों में ।। 1
राधाष्टमी
प्रेम रस बरसा दे मुझ पर
ओ बरसाने वाली ।
कृपा दृष्टि बरसा दे मुझ पर
ओ बरसाने वाली ।
तेरी युगल छवि का दर्श करा दे
ओ बरसाने वाली ।
तेरे चरणों की धूलि बनाले मुझे
ओ बरसाने वाली ।
हाथ करुणा का रखना मुझ पर
ओ बरसाने वाली । 2
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