Friday, February 28, 2020

हे सांवरिया_4

तेरी रहमतों से सांवरे, मेरा सब काम हो रहा है
मैं तो जरिया हूँ तेरा, इसलिए मेरा नाम हो रहा है

डगमग मेरी नाव चल रही, सहारा इसे तुम दे रहे
हैरान हैं जमाना ये देख, मंजिल इसे कैसे मिल रही

इतना तो काबिल नही था मैं, तेरा सहारा पा लिया
इस अनगढ़ वाणी से ,गुणगान तेरा गा लिया

सुख दुख की हर घड़ी में, तूने ही मुझको थामा
तुम कृष्ण बन के आये, मैं जब बना सुदामा

चाकर बन गया मैं तो तेरा, ध्यावू रोज तुम्हे ही प्यारे
नित उठ दर्शन करूँ मैं तेरे, हे श्याम सलोने मेरे प्यारे

विनती करू हे प्यारे मेरे, चरणों की धूल बनाले मुझको
जीवन नैया पार लगा दे ,अर्पण करूँ मैं जीवन तुझको

🖋️साँवर कुमावत 'मऊ'🖋️

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